आमीन वारसी -
अनूपपुर - एक करोड़ की कथित धोखाधड़ी करनें के मामलें में रायपुर निवासी खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका को कोलकाता पुलिस ने 18 जुलाई को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है बताया जा रहा है कि महेन्द्र गोयनका एवं अन्य आरोपी पिछले डेढ़ से दो वर्षों से फरार चल रहें थें ! जानकारी अनुसार महेंद्र गोयनका पहले कटनी विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक परिवार से जुड़ी कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधकीय जिम्मेदारी संभाल चुके हैं ! जांच एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं और बेची जा चुकी संपत्तियों एवं माल के लेन-देन में भी कथित गड़बड़ियां की गईं ! मामले की जांच के दौरान आरोप सामनें आए हैं कि महेन्द्र गोयनका द्वारा फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर परिवार से जुड़ी कई कंपनियों के नियंत्रण पर कब्जा करनें की कोशिश की गई ! इसी आधार पर कोलकाता में भारतीय न्याय संहिता भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई !
जांच में यह भी सामने आया है कि गोयनका और उनके सहयोगियों के खिलाफ मध्यप्रदेश कटनी जिले में भी धोखाधड़ी जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करनें से जुड़े दो अलग - अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं! बताया जा रहा कि उनके कुछ सहयोगियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं पहले ही सर्वोच्च न्यायालय से खारिज हो चुकी हैं !
सूत्रों के मुताबिक मुंबई स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 9 मई 2025 के अपने एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर भी टिप्पणियां दर्ज की थीं! इसके अलावा उनकी एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात में भी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है! महेंद्र गोयनका की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब पूरे वित्तीय नेटवर्क कंपनियों के लेन-देन और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल में जुट गई हैं मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है ! कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी महेंद्र गोयनका को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से 10 दिन की रिमांड मिली है अब 10 दिन तक पुलिस कढ़ाई से पूछताछ करेगी !