आमीन वारसी -
कोतमा- ब्लाक शिक्षा प्रभारी अधिकारी बनकर मलाई खा रहें आर के मिश्रा जी किसी परिचय के मोहताज नही है ये अपनी चिकनी चुपड़ी बातों और लेन देन के मैनेजमेंट से अच्छे अच्छे अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के हाथ बाधे रखें हुए है ये काफ़ी आशिक मिजाज व्यक्ति भी है इनके बहुत से ऐसे कारनामे है जिसके प्रमाण तो है लेकिन उसे बया करने में हमें शर्म आती है ! फिलहाल कोतमा क्षेत्र की आम जनता को यह मालूम हो कि आर के मिश्रा एक मामूली शिक्षक होते हुए भी इनके कांधे पर उत्कृष्ट विद्यालय सहित पूरे कोतमा ब्लाक की जिम्मेदारी है ! वर्षों से राकेश कुमार मिश्रा ने यह जिम्मेदारी उठा रखी है यह भी कहने में कोई हर्ज नही कि एक जगह पर वर्षों से अंगद की तरह पैर जमाएं रखा है और तीन प्रभार आनंद लेते हुए बड़े पैमाने में शासकीय राशि का बंदरबांट कर रहें है !
कलेक्टर रत्नाकर झा दें ध्यान -
बता दें कि आर के मिश्रा कोतमा उत्कृष्ट विद्यालय के सिर्फ एक प्रार्चाय है फिर भी आर के मिश्रा को कोतमा उत्कृष्ट विद्यालय प्रभारी प्राचार्य बनाए रखा है ! जैसे तत्कालीन कोतमा बीईओ व्ही एम मिश्रा रिटायर हुए वैसे ही कोतमा ब्लाक का प्रभारी बीईओ आर के मिश्रा को बना दिया गया ! मतलब ये कि एक ही व्यक्ति को जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सारी जिम्मेदारी दें दी गई ! अब सवाल यह है कि क्या कोई दूसरा शिक्षक योग्य व्यक्ति शिक्षा विभाग के पास नही है जो एक ही व्यक्ति को दो जगह का प्रभार दें दिया गया है ! या फिर अनूपपुर जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि प्रभारी प्राचार्य एवं प्रभारी बीईओ राकेश कुमार मिश्रा के मैनेजमेंट से काफी खुश है ! भले ही जिला कलेक्टर जिला शिक्षा अधिकारी एवं दलाल प्रवत्ति के नेता आर के मिश्रा के मैनेजमेंट से खुश है ! लेकिन कम से कम आर के मिश्रा को इतना समझा दो कि गरीब छात्र छात्राओं से अनावश्यक रूप शासन द्वारा निर्धारित की गई राशि 525 रुपए की जगह अवैध रूप 1660 रुपए की वसूली न करें जिससे पूरा शिक्षा विभाग बदनाम हो रहा !