Saturday, November 1, 2025

उद्योगपति महेंन्द्र गोयनका ने फर्जी तरीके से हड़प ली 127 एकड़ जमीन


आमीन वारसी -

कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी का आरोप सलवा जुडुम दौरान विस्थापित हुए पांच आदिवासी परिवार की 127 एकड़ पैतृक भूमि रायपुर निवासी उद्योगपति महेन्द्र गोयनका ने फर्जी तरीके से अपनी पत्नी मीनू अग्रवाल के नाम करा ली ---

अनूपपुर - पूरी मेहनत और ईमानदारी से एक व्यक्ति को एक छोटा सा घर बनानें में वर्षो लग जातें है ! परिवार चलाने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ! फिर भी उस इंसान के जीवन में कुछ ना कुछ अधूरा रह ही जाता है ! कभी बीवी बच्चों की ख्वाहिश अधूरी रह जाती है तो कभी खुद कि ! एक साधारण व्यक्ति का जीवन बस इसी तरह  घर द्वार व्यापार परिवार संभालते संभालते एक दिन उसका अंत हो जाता है ! वही दूसरी ओर  एक लालची व्यक्ति चोरी बेईमानी फर्जीवाड़ा हेराफेरी धोखाधड़ी अवैध कारोबार करके कई बहु मंजिला इमारत बेहिसाब चल अचल संपत्ति चंद दिन और चंद सालों में ही एकत्रित कर सकता है ! ऐसा ही मामला अक्सर कोतमा में जन्मे महेंद्र गोयनका का सामनें आता ही रहता है ! जो महेंद्र गोयनका कल तक कोतमा नगर में रहकर छोटा मोटा व्यापार करतें थें ! आज वो अचानक उद्योगपति कैसे हो गए हजारों करोड़ के मालिक कैसे हो गए सवाल यह भी है कि आखिर महेंन्द्र गोयनका ने कौन सा ऐसा व्यापार शुरू किया था जिससे चंद सालों में ही हजारों करोड़ अंदर कर लिए ! बता दें कि महेंद्र गोयनका पर जो आरोप लगतें रहतें है वो सिर्फ आरोप ही नही होते उसमें थोड़ा बहोत सच्चाई भी होती है ! और अगर इस तरह के आरोपों में सच्चाई नही है तो महेंद्र गोयनका स्वतंत्रत है आरोप लगानें वालों पर मानहानि करनें के लिए ! हमारें पास महेंद्र गोयनका पर आरोप लगानें का प्रयाप्त प्रमाणित मसाला है जिसके आधार पर हम जनता को बतातें और दिखाते रहेंगे कि लोग चंद दिनों में किस तरह से करोड़पति बनतें है ! 


ताज़ा मामला - छत्तीसगढ़ बस्तर से जुड़ा हुआ है बता दें कि बीजापुर सलवा जुड़ूम दौरान विस्थापित हुए आदिवासियों परिवारों की पैतृक जमीनों पर महेंद्र गोयनका की गंदी नजर है ! यह गंभीर आरोप छत्तीसगढ़ कांग्रेस वरिष्ठ नेता एवं बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में लगाया ! उन्होंने दावा किया कि भैरमगढ़ राहत शिविरों में रह रहें पांच ग्रामीण परिवारों की कुल 127 एकड़ जमीन अनूपपुर कोतमा से आकर रायपुर बसें उद्योगपति महेन्द्र गोयनका फर्जी तरीके से अपनी पत्नी मीनू अग्रवाल के नाम करा ली है !

विधायक ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि यह सिर्फ पांच परिवारों की कहानी नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र को चेतावनी है उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करनें और प्रभावितों की जमीन तत्काल वापस दिलानें की मांग की है !

प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने बताया कि अबूझमाड़ से सटे ग्राम धर्मा बैल छोटेपल्ली और मरकापाल के आदिवासी ग्रामीण सलवा जुडूम के दौरान अपना गांव छोड़कर भैरमगढ़ राहत शिविरों में रहनें लगें थें ! इनकी गैर हाजिरी में उद्योगपति महेंद्र गोयनका ने छलपूर्वक दस्तावेज तैयार करके जमीन खरीद ली और मूल भूस्वामियों को इसकी भनक तक नहीं लगी !

मंडावी ने कहा इन ग्रामीणों को ना कानूनी जानकारी है और ना ही दस्तावेज़ों की समझ किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी पूरी पैतृक संपत्ति बेचना असंभव है ! यह सौदा नहीं सीधे तौर पर ठगी किया गया और इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण साफ दिखाई पड़ रहा !

यह रहें पीड़ित किसान भूस्वामी---

(1) चेतन नाग पिता संपत नाग धर्मा- 12 एकड़ (2) घस्सू राम पिता लक्षिन्दर बैल- 29 एकड़ (3) पीला राम पिता गेटू बैल- 18 एकड़ (4) लेदरी सेठिया छोटेपल्ली - 40 एकड़ (5) बीरबल पिता बेदे मरकापाल - 10 एकड़ कुल 127 एकड़ भूमि महेंद्र गोयनका ने हड़प कर ली है!

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