कोतमा- आमीन वारसी- बीते दिनों विभिन्न मामलें में फंसे एक पुजारी ने गुरुवार सुबह आत्महत्या कर ली थी! घर पर पुजारी का शव देखकर परिजन भड़क उठे थें उन्होंने पुलिस से कहा कि वह तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक थाना प्रभारी व झूठे केस में फंसाने वाली महिला के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती! तत्पश्चात थाना प्रभारी अजय बैगा को निलंबित कर दिया गया ! जिस विषय को लेकर ब्राम्हण समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की मांग की ज्ञापन में कहा गया कि निलंबन कोई सजा नही है दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए! अन्यथा ब्राम्हण समाज आंदोलन के लिए विवश होगा !
यह हैं, मामला-
कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खोडरी का है जहाँ हनुमान मंदिर के पुजारी रामेश्वर पांडे पिता राम किशोर पांडे के खिलाफ खोडरी निवासी सुशीला रैदास ने 30 मई मंगलवार को कोतमा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी ! सुशीला ने अपनी शिकायत में बताया था कि रामेश्वर पांडे ने उसके साथ मारपीट की है साथ ही जाति सूचक गालियां भी दी! सुशीला की शिकायत पर पुलिस ने धारा ( 294 323 506) एसटी एससी एक्ट में मामला दर्ज कर लिया! पुलिस ने मंगलवार देर रात को ही रामेश्वर पांडे को गिरफ्तार कर ले आई और बंदकर दिया फिर पुजारी को बुधवार शाम को पुलिस ने मुचलके पर छोड़ा इस घटना से आहत होकर गुरुवार को पुजारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली! घटना बड़ी ही दुखद रही ऐसा नही होना था पुलिस को महिला की शिकायत पर अच्छी तरह जाचं करना था फिर गिरफ्तारी एवं अन्य धाराओं पर कार्यवाही करनी चाहिए थी ! लेकिन इस मामले में कोतमा पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है ! जिस कारण एक पुजारी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली और उनका परिवार बिखर गया !
वर्ष 2017 में भी शिक्षक की प्रताड़ना से आहत होकर गंगा सेन ने फांसी लगाकर की थी आत्महत्या -
बता दे कि आज से 5 साल पहले वर्ष 2017- बाल दिवस 14 नवम्बर के दिन उत्कृष्ट विद्यालय कोतमा में अध्यनरत रही 17 वर्षीय छात्रा कुमारी गंगा सेन पिता संजय सेन निवासी विकास नगर कोतमा ने भी इसी तरह उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य आर के मिश्रा की प्रताड़ना से आहत होकर स्कूल से घर वापस आकर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी ! मृतक कुमारी गंगा सेन के परिजन द्वारा कोतमा थाने में अपनी शिकायत में कहा गया था कि उत्कृष्ट विद्यालय कोतमा प्रभारी प्राचार्य (आर के मिश्रा) द्वारा हमारी पुत्री को सरेआम स्कूल से घर जातें समय ज्ञान प्रकाश आई टी आई के पास गाली दी गई अपमानित किया गया मारपीट की गई! लेकिन कोतमा पुलिस राजनैतिक दबाव में आकर आरोपी आर के मिश्रा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नही की मृतक नाबालिग कुमारी गंगा सेन के माता पिता दादा चाचा एवं वार्ड मोहल्ले के गरीब आदिवासी शासन प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते रहें! लेकिन किसी भी जन प्रतिनिधि पक्ष विपक्ष के नेताओं ने मृतक नाबालिग कुमारी गंगा सेन के परिवार की मदद नही की बल्कि कुछ सत्ता धारी दलाल प्रवत्ति के नेता अपनें अपनें स्तर पर आरोपी की मदद कर रहें थें! और दिखावे के लिए मृतक नाबालिग गंगा सेन के परिजन को सिर्फ झूठा आश्वासन देते रहें न्याय आज तक नही मिला ! अगर समय रहतें मृतक नाबालिग कुमारी गंगा सेन आत्महत्या मामले की निष्पक्ष जांच हो जाती तो दोषी आरोपी को निश्चित ही सजा मिलती ! लेकिन जाचं अधिकारियों की मिली भगत एवं उक्त मामलें में साक्षियों पर आरोपित व्यक्ति और अधिकारियों द्वारा तरह तरह का प्रलोभन डरा धमका कर राजनैतिक दबाव बनाकर पहलें मामलें को कमजोर कर दिया गया फिर बाद में
मामलें को रफादफा कर दिया गया !
मृतक नाबालिग कुमारी गंगा सेन के परिजनों का जख्म खोड़री निवासी पुजारी की आत्महत्या से फिर ताजा हो गया है !
इनका कहना : बड़ी ही दुखद घटना हुई है ऐसी घटना मेरे साथ आज से 5 साल पहलें हुई थी! मेरी नाबालिग बच्ची ने उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य आर के मिश्रा की प्रताड़ना के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी! मृतक नाबालिग कुमारी गंगा सेन के पिता संजय सेन ने पुजारी की आत्महत्या मामलें की उच्च स्तरीय जांच की बात कही है ! साथ ही वर्ष 2017 में मेरी पुत्री गंगा सेन के साथ हुई दुखद घटना की भी पुनः उच्च स्तरीय जांच कराई जाए !
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