कोतमा- आमीन वारसी- नगर पालिका का एक से बढ़कर एक कारनामा सामने आही जाता है ! जहाँ ठेकेदार नगर पालिका द्वारा निकाले गए सड़क नाली सहित अन्य निर्माण कार्यो का टेंडर आसानी से लेकर मनमाने तरीके से निर्माण कार्य करते है! और मजे की बात यह है कि ठेकेदार द्वारा किये जा रहें मनमाने एवं गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य को नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि रोक नही पा रहें! और ठेकेदार एक बाद एक घटिया स्तर का निर्माण करके खुले आम नगर पालिका परिषद के तमाम जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का मुह चिढ़ाता रहता है !
ताजा मामला-
पढ़े लिखी नगर पालिका परिषद के आदेश पर पढ़े लिखे ठेकेदार द्वारा बारिश के दिनों में कोतमा नगर पालिका अंतर्गत वार्ड नं 5 पुरानी बस्ती सड़क डामरीकरण का कार्य किया जा रहा जबकि जून से अक्टूबर तक डामरीकरण कार्य नही किया जाना चाहिए फिर भी नगर पालिका परिषद और ठेकेदार द्वारा विकास के नाम पर जनता के पैसों का दुरूपयोग किया जा रहा !
कार्यकाल समाप्ति के डर से आनन फानन में किया जा रहा कार्य-
बता दे कि वर्तमान परिषद का कार्य काल समाप्ति की ओर है और ठेकेदार को शायद यही डर सता रहा है कि अगर वर्तमान परिषद का कार्यकाल समाप्त हो गया तो बिल भुगतान कैसे होगा इसलिए ठेकेदार को कुछ समझ में ही नही आ रहा कि किस मौसम में कौन सा काम करना चाहिए और कौन सा नही बस पैसे की लालच में परिषद की मिलीभगत से बारिश में ही डामरीकरण कार्य शुरू कर दिया! परिषद की मिलीभगत हम इसलिए कह रहें कि नगर पालिका परिषद की बगैर अनुमति सीएमओ इंजीनियर एवं परिषद को सूचना दिए बगैर ठेकेदार कार्य शुरू कर ही नही सकता! और अगर ठेकेदार बिना किसी सूचना के कार्य कर रहा है तो नगर पालिका परिषद को ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए !
आखिर ठेकेदार के आगें क्यों नतमस्तक है परिषद-
सवाल यह है कि ऐसा पहली बार नही है कि ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा पूरे पाच साल से ठेकेदार की मनमानी चल रही है! कोतमा नगर पालिका अंतर्गत किए गए निर्माण कार्यो में कोई एक ऐसा निर्माण कार्य नही है जिसे उक्त ठेकेदार ने पूरी ईमानदारी से किया हो जितने भी निर्माण कार्य किये गए सभी घटिया स्तर के है! दुर्भाग्य की बात ये है कि कोतमा नगर की जनता ने जिन लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनकर नगर एवं नगर पालिका की जिम्मेदारी सौपी थी! वही जनप्रतिनिधि पूरे 5 साल अपना र्कत्तव्य भूलकर भ्रष्ट ठेकेदारों के साथ मिलकर चंद पैसों के लिए काधे से काधा मिलाकर चलतें हुए अपने आप को बड़ा ही गौरान्वित महसूस करते है कि बडे़ पैसे वाले ठेकेदारों के साथ काधे से काधा मिलाकर धूम रहें है! जबकि हकीकत यह है कि भ्रष्ट और अवैध कारोबार करने वाला सदा अवैध कारोबारी और भ्रष्टाचारी ही कहलाता है चाहे वो अवैध कारोबार भ्रष्टाचार करके लाखों करोड़ों रुपए का आसामी ही क्यों न बन जाए! नगर की जनता भलि भातिं जानती है कि एक ठेकेदार चंद दिनों में करोड़ों रुपए का आसामी कैसे बन जाता है सीधी सी बात है अवैध कारोबार घटिया निर्माण कार्य करके ! कोतमा नगर पालिका अंतर्गत यही हो रहा ठेकेदारों द्वारा भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार किए जा रहा और नगर पालिका जनप्रतिनिधि ठेकेदारों के आगें नतमस्तक नज़र आ रहें !
किस मुँह से जनता मागनें जाएगें वोट-
ठेकेदार के आगें अपना जमीर बेच चुकें जनप्रतिनिधि आखिर किस मुँह से नगर की आम जनता से आगामी नगर पालिका चुनाव में वोट मांगने जाएगें और नगर एवं वार्ड की जनता से आप क्या बताएगें आपने नगर में कौन सा ऐसा विकास कार्य किया है ! नगर हित नगर की जनता के हित में कौन सा ऐसा कार्य किया है जिससे जनता आप को वोट दे ! वर्तमान नगर पालिका परिषद द्वारा जो भी निर्माण कार्य किया गया है उससे सिर्फ और परिषद और ठेकेदारों का भला हुआ है !
इनका कहना: मै अभी भोपाल में हूँ किसी को भेज कर दिखावाता हूँ !
प्रदीप झारिया
मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोतमा !
सड़क डामरीकरण कार्य चल रहा था जिसे मेरे द्वारा बंद करा दिया गया है !
हनुमान गर्ग
भाजपा जिला उपाध्यक्ष !
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