Sunday, June 26, 2022

प्रस्तावक तो शहडोल क्षेत्र के लिए कुछ कर नही पाई शायद राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार ही कर दे


कोतमा- आमीन वारसी- देश के सर्वोच्च पद पर भारतीय जनता पार्टी एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार झारखंड की पूर्व राज्यपाल श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जो सर्वश्रेष्ठ विधायक का सम्मान भी प्राप्त कर चुकी हैं उन्हें एनडीए ने अपना उम्मीदवार घोषित किया गया है ! जिनके द्वारा राष्ट्रपति पद हेतु अपना नामांकन 24 जून 2022 को दाखिल किया गया जिसमें प्रस्तावक के रूप में शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह को अपना योगदान देने का अवसर प्राप्त हुआ शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने संसद भवन पहुंचकर उनके नामांकन में प्रस्तावक के रूप में अपना समर्थन दिया ! शहडोल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के द्वारा एक आदिवासी महिला को सर्वोच्च पद पर विराजमान करने का जो निर्णय लिया गया है इस निर्णय का आदिवासी समाज स्वागत करता है ! यह केवल भारतीय जनता पार्टी में ही संभव हो सकता है जब किसी आदिवासी महिला को इतना बड़ा सम्मान प्राप्त हो सका ! सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने नामांकन दाखिले में उपस्थित होकर प्रस्तावक बनी और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को शुभकामनाएं दी ! 

यह सुनकर शहडोल संसदीय क्षेत्र की जनता ने भी शुभकामनाएं दी है ! लेकिन आमजन में जन चर्चा है कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मुर्मू जी की प्रस्तावक बनी शहडोल संसदीय क्षेत्र की सासंद श्रीमती हिमाद्रि सिंह जी लगभग इन तीन वर्षों में शहडोल संसदीय क्षेत्र के लिए कोई भी विकास कार्य नही कर पाई और न ही शहडोल क्षेत्र की जनता द्वारा वर्षों से की जा रही नागपुर ट्रेन चलाएं जानें की मांग अब तक पूरी नही कर पाई है ! सिर्फ रेल मंत्री और रेल मंत्रालय से चिट्ठी लिखकर मांग करती रही ! लेकिन हमेशा की तरह रेल मंत्री और रेल मंत्रालय सासंद महोदया के आवेदन निवेदन प्रतिवेदन को नजर अंदाज कर दिया गया! आज भी शहडोल संसदीय क्षेत्र विकास से कोसो दूर है ! रही बात नागपुर ट्रेन की तो वह भाजपा सांसद के कार्यकाल में संभव नही है! बता दे कि आज तक के इतिहास में बहोत कम ऐसे आदिवासी नेता रहें है जो उच्च पदों पर रहतें हुए आदिवासी समाज और अपने क्षेत्र का विकास कर पाए है ! बाकी राजनैतिक दलों की हाथ की कठपुतली बन कर रह जातें है! अगर शहडोल संसदीय क्षेत्र की बात की जाए तो कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय दलबीर सिंह जी ने राजनीति से उपर उठकर आदिवासी समुदायों तथा क्षेत्र का विकास किया था ! उसके बाद से राजनैतिक दलों के मास्टर माइंड नेता आदिवासी नेताओं को राष्ट्रपति केन्द्रीय मंत्री मुख्यमंत्री राज्य मंत्री सासंद विधायक जैसे उच्च पदों पर बैठाकर रिमोट से कंट्रोल करनें लगें! पूरे देश में सैकड़ों की संख्या में आदिवासी सासंद है और हज़ारों की तादाद में विधायक है ! फिर भी आदिवासी सासंद विधायकों के कार्यक्षेत्र में विकास छुट पुट ही दिखाई पड़ता है ! और रही बात आदिवासी समाज की तो आदिवासी समुदायों का भला आज भी नही हो सका आदिवासी समाज आज भी बद से बदतर जीवन जीने को मजबूर है ! वो इसलिए कि आदिवासी समाज के नेताओं को उच्च पदों पर बैठा दिया जाता है ! लेकिन सिर्फ वेतन पेंशन लेने के लिए राजनैतिक मंच की शोभा बढ़ाने सहित पार्टी हित में भाषण देने के लिए! चलिए देखते है श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी राष्ट्रपति बनने के बाद राष्ट्र के लिए कुछ अच्छा कर पाएगी या फिर रामनाथ गोविंद की तरह सिर्फ राष्ट्रपति भवन में ही कैद रहेगी !

No comments:

Post a Comment