कोतमा- आमीन वारसी/बात कोतमा एस डी एम ऋषि सिघंई एवं नायब तहसीलदार पंकज नयन तिवारी की है।जब कभी मीडिया बंधुओं को इन दोनों जिम्मेदार अधिकारियों से इनके कार्य क्षेत्र अंतर्गत इनके कार्यालय संबंधित कोई जानकारी चाहनी होती है तो पत्रकारों का फोन ही नही उठाते और अगर धोखे से भी फोन रिसीव कर लिए तो उचित जवाब देना मुनासिब नही समझते है।और जब कोतमा अधिवक्ता संघ ने रिश्वत खोरी घूसखोरी का आरोप लगाने के साथ ही प्रमाण सहित जिला कलेक्टर कमिश्नर शहडोल को लिखित शिकायत करते हुए नायब तहसीलदार पंकज नयन तिवारी को निलंबित करने का मोर्चा खोल दिया तो साहब को अचानक मीडिया बंधुओं की याद आ गई और प्रेस कांफ्रेंस कर खुद पर लगें आरोपों को निराधार बताने लगें है।जबकि सच यह है कि नायब तहसीलदार पंकज नयन तिवारी बगैर पैसा लिए कोई भी काम नही करते है और यह भी सच है कि साहब डायरेक्ट नही लेते लेकिन इन डायरेक्ट पैसा लेने में कोई समझौता भी नही करते है इसका जीता जागता प्रमाण मेरे पास है।कोतमा नगर पालिका अंतर्गत वार्ड नं 7 बनिया टोला निवासी पीड़ित बबलू की माता जी अपने जीते जी एक वसीयत अपने पुत्र बबलू के नाम कर दी थी जिस पर अन्य सभी भाई बहनों की सहमति थी सारे दस्तावेज वैध एवं दुरूस्त थे उसके बाद भी नायब तहसीलदार पंकज नयन तिवारी तब तक उक्त प्रकरण का निर्णय नही किए जब तक पैसा नही ले लिए। वक्त जरूरत पड़ने पर उक्त जीते जागते प्रमाण को उच्च अधिकारियों एवं न्यायालय के समक्ष पेश कर सकता हूँ।
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