Friday, September 18, 2020

कोतमा एस डी एम का आदेश बना मजाक चंद घंटे में ग्रह मंत्रालय ने किया निरस्त


कोतमा- आमीन वारसी/एक ओर कोरोना वायरस की महामारी ने पूरे देश में कोहराम मचा रखा है जिससे पूरे देश की आम जनता परेशान हाल दिखाई पड़ रही है तो दूसरी ओर मध्यप्रदेश में होने वाले उप चुनाव को लेकर राजनैतिक पार्टियों द्वारा जगह-जगह जश्न मनाए जा रहें चुनावी रैली निकाली जा रही राजनैतिक मंच सजाए जा रहें ज्यादा से ज्यादा लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही जिसमें प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी अपना भरपूर सहयोग प्रदान कर रहे है।और अगर आम जन अपने घर में या फिर चिन्हित किए गए स्थान पर शादी ब्याह व मौत मिट्टी पूजा पाठ सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम करना चाहते है तो शासन प्रशासन द्वारा साफ़  मना कर दिया जाता है कि कोरोना काल चल रहा है किसी भी तरह कार्यक्रम नही करना है।आम जनता की ओर किसी का ध्यान नही जा रहा मध्यप्रदेश सरकार व राजनैतिक पार्टियों को सिर्फ खुद की चिंता है हर हाल में चुनाव जीतकर अपनी अपनी सरकार बचाने का प्रयास जारी है।17 सितम्बर गुरूवार शाम 4 बजे शासन प्रशासन द्वारा ऐसा ही एक मजाक कोतमा अनुभाग क्षेत्र की आम जनता के साथ किया गया मध्यप्रदेश  शासन द्वारा बिना किसी निर्देश व बिना जिला कलेक्टर की सहमति के अचानक शाम 4 बजे कोतमा अनुभाग क्षेत्र कोतमा बिजुरी राजनगर डोला डूमर कछार सहित कोतमा अनुभाग क्षेत्र अंतर्गत कोरोना संक्रमण को दृष्टि रखते हुए कोतमा एस डी एम ऋषि सिघंई ने 3 दिवसीय 17 सितम्बर गुरूवार सायं 8 बजे से 20 सितम्बर रविवार प्रात 8 बजे तक पूर्ण लाक डाउन करने का आदेश जारी कर दिया जिससे अनुभाग क्षेत्र के छोटे बड़े व्यापारी फुटपात पर सब्जी व अन्य दुकान लगाने वाले गरीब दुकानदार सहित आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ा।सभी ने प्रशासनिक आदेश का सम्मान करते हुए आनन-फानन में समय से पहले अपनी दुकान बंद कर अपने अपने घरों की ओर चल पड़े।लेकिन ठीक कोतमा एस डी एम द्वारा लाक डाउन आदेश जारी करने के चंद घंटे बाद ही ग्रह मंत्रालय भोपाल द्वारा दूसरा आदेश जारी किया गया कि कोतमा एस डी एम ऋषि सिघंई द्वारा किए गए 3 दिवसीय लाक डाउन आदेश को निरस्त किया जाता है।सवाल यह है कि जब कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए 3 दिवसीय लाक डाउन आदेश जारी किया गया था तो फिर मध्यप्रदेश शासन द्वारा इसे गंभीरता से क्यो नही लिया गया  और कोतमा एस डी एम ऋषि सिघंई के आदेश को क्यो निरस्त किया गया।दो ही बातें है एक  कोतमा एस डी एम मनमाने तरीके से अपने पद व शक्तियों का दुरुपयोग कर रहें है या फिर कोरोना संक्रमण को मध्यप्रदेश सरकार गंभीरता से नही ले रही है आखिर शासन प्रशासन द्वारा आम जनता को बार बार क्यू परेशान किया जा रहा।जिला कलेक्टर महोदय से कोतमा अनुभाग क्षेत्र की आम जनता ने मांग कि है कि इस तरह के आदेश का हम सभी सम्मान करते है।लेकिन शासन प्रशासन द्वारा लाक डाउन या किसी भी तरह के बंद का आदेश अचानक न ज़ारी किया जाए एक दो दिन पहले आमजनों को सूचना दी जानी चाहिए जिससे लोग होने वाली असुविधा से बच सके।

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