कोतमा/आमीन वारसी- विगत कई वर्षों से अंगद की तरह अपना पैर जमाए वन परिक्षेत्र कोतमा प्रभारी रेंजर रवि शंकर त्रिपाठी का हुआ स्थानांतरण तो इस्टे लेने भागा हाईकोर्ट आखिर क्यों रवि शंकर त्रिपाठी का कोतमा क्षेत्र से मोह भंग नही हो रहा है यह आम जनता की समझ से परे है कही ऐसा तो नहीं कि दाल में काला नहीं पूरी दाल ही काली है इसीलिए रवि शंकर त्रिपाठी कोतमा क्षेत्र नही छोड़ना चाहते कारण कोतमा क्षेत्र में रहकर अपने ऊपर लगें तमाम आरोपों पर पर्दा डालने एवं चल रही जांच को प्रभावित करनें का पुराना हथकंडा है ऐसा नही है कि कोई पहली बार स्थानांतरण हुआ है त्रिपाठी का दर्जनो बार अन्य वन परिक्षेत्र के लिए स्थानांतरण किया गया लेकिन कुछ ही दिनों में त्रिपाठी तेल मालिश पालिश और जानें क्या क्या करके पुनः कोतमा वन परिक्षेत्र तबादला कराकर वापस आ जाता है मतलब साफ है त्रिपाठी पर जो भी आरोप लगें है वह सत्य है अगर यह सत्य नही होता तो त्रिपाठी का जैसे ही विभागीय स्तर पर तबादला किया जाता है तो तत्काल ही संबंधित कर्मचारी को कोतमा वन परिक्षेत्र का चार्ज देकर चलें जाना चाहिए और खुद पर लगें आरोप की जांच में सहयोग करना चाहिए लेकिन त्रिपाठी द्वारा ऐसा नही किया जाता हमेशा चार्ज देने में टाल मटोल किया जाता इससे यह साबित होता है कि यकीनन त्रिपाठी चोर है जो कोतमा वन परिक्षेत्र को अपना चारा गाह बना लिया है त्रिपाठी अपने कार्य काल में अनगिनत भ्रष्टाचार किए है जिसके विरुद्ध लोकायुक्त रीवा में शिकायत की गई लोकायुक्त द्वारा जांच की गई और जांच उपरांत रवि शंकर त्रिपाठी को दोषी पाया गया तो लोकायुक्त एफ आई आर दर्ज करते हुए त्रिपाठी पर 420 का मुकदमा भी कायम किया इतना कुछ होने के बाद भी त्रिपाठी अपने आप दूध का धुला बता रहा है। त्रिपाठी द्वारा किए गए कृत्य को मीडिया ने जमकर उजागर किया जिससे ज़िले व संभाग सहित बात राजधानी भोपाल तक पहोच गई तो। दिनांक 24-9-19 को वन मंडलाधिकारी डी एफ ओ अनूपपुर द्वारा एक पत्र जारी किया गया है जिसमें यह उल्लेख है कि कोतमा वन परिक्षेत्र प्रभारी रेंजर रवि शंकर त्रिपाठी का स्थानांतरण अनूपपुर के लिए किया जाता है और कोतमा वन परिक्षेत्र का संपूर्ण प्रभार बृजलाल सिंह परस्ते उपक्षेत्रापाल प्रभारी वन परिक्षेत्र बिजुरी को देकर अनूपपुर वन मंडल आए लेकिन फिर वही पुराना रवैया अपनाते हुए रवि शंकर त्रिपाठी बृजलाल सिंह परस्ते को दो तीन दिन में चार्ज देने को कह कर हाई कोर्ट इस्टे लेने भाग गया सवाल यह है कि ऐसा क्यू है क्या भ्रष्ट कर्मचारी इसी तरह कानून से कबंडडी खेलते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि मूक दर्शक बने रहेंगे यह ज़िले व संभाग के जिम्मेदार अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को समझने की जरूरत है कि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को इस्टे लेने जैसा इस घटिया मौका नही देना चाहिए जिम्मेदार अधिकारी अपने पद का इस्तेमाल कर एकजूम के तहत कार्यवाही करते हुए तत्काल ही संबंधित कर्मचारी को चार्ज दे देना चाहिए जिससे विभाग को भ्रष्ट कर्मचारियों की वजह से और बदनाम न होना पड़े।
इनका कहना: कोतमा वन परिक्षेत्र प्रभारी रेंजर रवि शंकर त्रिपाठी का स्थानांतरण कर दिया गया है कोतमा वन परिक्षेत्र का प्रभार बिजुरी वन परिक्षेत्र के प्रभारी रेंजर बृजलाल सिंह परस्ते को दे दिया गया है।
एम एस भगदिया वन मंडलाधिकारी वन मंडल अनूपपुर
मुझे 25 सितंबर की शाम को पत्र मिला है मैंने त्रिपाठी जी को प्रभार के लिए फोन किया तो त्रिपाठी जी ने कहा जल्दी है क्या प्रभार दो तीन दिन बाद ले लेना फिर भी मै कार्यालय गया था तो जानकारी मिली कि त्रिपाठी जी की तबीयत खराब है कही ईलाज कराने गए है आएंगे तो प्रभार ले लूंगा।
बृजलाल सिंह परस्ते प्रभारी रेंजर वन परिक्षेत्र बिजुरी
इनका कहना: कोतमा वन परिक्षेत्र प्रभारी रेंजर रवि शंकर त्रिपाठी का स्थानांतरण कर दिया गया है कोतमा वन परिक्षेत्र का प्रभार बिजुरी वन परिक्षेत्र के प्रभारी रेंजर बृजलाल सिंह परस्ते को दे दिया गया है।
एम एस भगदिया वन मंडलाधिकारी वन मंडल अनूपपुर
मुझे 25 सितंबर की शाम को पत्र मिला है मैंने त्रिपाठी जी को प्रभार के लिए फोन किया तो त्रिपाठी जी ने कहा जल्दी है क्या प्रभार दो तीन दिन बाद ले लेना फिर भी मै कार्यालय गया था तो जानकारी मिली कि त्रिपाठी जी की तबीयत खराब है कही ईलाज कराने गए है आएंगे तो प्रभार ले लूंगा।
बृजलाल सिंह परस्ते प्रभारी रेंजर वन परिक्षेत्र बिजुरी

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