Wednesday, July 3, 2019

प्रदेश के मुखिया का आदेश बेअसर पार्टी कार्यकर्ता ही मुखिया को दिखा रहा ठेंगा



कोतमा/आमीन वारसी- मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया कमलनाथ ने बीते दिनों पूरे प्रदेश में रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगाते हुए एक आदेश जारी किया था लेकिन अभी तक  मुखिया जी का रेत उत्खनन पर  प्रतिबंध वाला आदेश अनूपपुर जिले तक नही पहोचा क्योकि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता मुखिया जी के आदेश को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे है।अनूपपुर जिले के पसान नगर पालिका अंतर्गत निवासरत वरिष्ठ कांग्रेस नेता ठेकेदार अशोक त्रिपाठी द्वारा हाल ही में जंगल की भूमि पर केवई नदी पम्प घाट से अवैध रेत उत्खनन कराकर भारी मात्रा में रेत का भंडारण किया गया है जिस पर वन विभाग द्वारा उक्त अवैध रेत को जप्त कर कार्यवाही की जा रही है।


राजस्व और वन विभाग में उलझा विवाद- रेत भंडारण कर्ता रेत ठेकेदार का कहना है कि उक्त भूमि खसरा नं 1211/3 एवं  1212/3 राजस्व की भूमि है और वन विभाग का यह दावा है कि उक्त खसरा नं की भूमि जिस पर  रेत का भंडारण किया गया है वह भूमि वन विभाग की है वैसे उक्त भूमि पर रेत भंडारण करने की अवधि भी समाप्त हो चुकी है फिर भी रेत का भंडारण किया गया। इस तरह राजस्व और वन विभाग में आपसी खींचतान चल रहा है।वैसे मौका देखकर तो ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त भूमि वन विभाग की है आगें दोनों विभाग के जिम्मेदार जानें।

रेत ठेकेदार त्रिपाठी ने किया भंडारण- वन विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पसान नगर पालिका अंतर्गत केवई नदी पम्प घाट से रेत उत्खनन करने का ठेका प्राप्त करने वाले कांग्रेस नेता अशोक त्रिपाठी द्वारा ही बारिश से पहले केवई नदी से रेत उत्खनन कराकर वन भूमि पर रेत का भंडारण किया गया है सवाल यह है कि जब प्रदेश के मुखिया ने रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है तो फिर खनिज विभाग उक्त ठेकेदार को रेत का भंडारण करने की अनुमति कैसे प्रदान कर दी और जब वन भूमि पर रेत का भंडारण किया जा रहा था तब कोतमा वन परिक्षेत्र के रेंजर डिप्टी रेंजर सहित अन्य कर्मचारी   क्या कर रहे थे सैकड़ों ट्राली रेत एक दिन में तो भंडारण नही किया गया होगा भारी मात्रा में रेत का भंडारण होना यह साबित करता है कि खनिज विभाग एवं वन विभाग की मिली भगत से रेत ठेकेदार अशोक त्रिपाठी द्वारा रेत का भंडारण किया गया है।

पच्चीस सौ रूपये ट्राली बेच रहे रेता-

केवई नदी से रेत उत्खनन कर अवैध रूप से वन भूमि पर भंडारण कर 25 सौ रुपये प्रति ट्राली रेता अशोक त्रिपाठी द्वारा बेचा जा रहा है और अपनी ही  कांग्रेस सरकार के मुखिया को मुँह चिढ़ा रहा है जिससे मध्यप्रदेश में  नई नवेली कांग्रेस सरकार के प्रति आम जनता का विश्वास टूटता नजर आ रहा है।

क्या वन विभाग कर पायेगा कांग्रेस नेता पर कार्यवाही-

 बड़ा सवाल यह है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार होते हुए रेत का अवैध उत्खनन कर वन भूमि पर अवैध रूप से रेत का भंडारण करने वाले कांग्रेस नेता पर वन विभाग कार्यवाही कर पाएगा वन अधिकारी सी सी एफ शहडोल ने तो कार्यवाही का आश्वासन दिया है अब देखना यह है कि वन विभाग कांग्रेस नेता के खिलाफ  कार्यवाही कर पाती है या फिर सेटिंग से सब कुछ ठीक हो जाएगा।

इनका कहना:

मैंने मौके पर जाकर देखा है वन भूमि पर भारी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भंडारण किया गया है एस डी ओ गोस्वामी को जांच का आदेश दिया है जांच उपरांत कार्यवाही की जाएगी।

    ए के जोशी
सी सी एफ शहडोल

No comments:

Post a Comment