Saturday, April 20, 2019

कोतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत वनों की अंधाधुंध कटाई

वन अमला वन माफिया की मिलीभगत

कार्यवाही के नाम पर महज खानापूर्ति

कोतमा/आमीन वारसी- अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र कोतमा अंतर्गत बीट कल्याणपुर कक्ष क्रमांक रिजर्व फॉरेस्ट 455 के अंतर्गत भारी मात्रा में साल वृक्षों की कटाई अवैध तरीके से स्थानीय वन कर्मचारी व वन माफिया द्वारा साठगांठ कर की गई है जिसकी जांच मुख्य वन संरक्षक व्रत शहडोल के डॉक्टर ए के जोशी द्वारा वन मंडल अधिकारी अनूपपुर को निर्देशित कर टीम गठित किया गया टीम द्वारा मात्र 38 नग ठुठो की गणना की गई सेष ठूठों को छोड़ दिया गया जब हमारे स्थानीय प्रतिनिधि ने उक्त वन क्षेत्र कल्याणपुर बीट का निरीक्षण किया गया जहां पर कई ठूठो को अवैध तरीके से कुल्हाड़ी से काटे गए पाए गए उक्त वन क्षेत्र में लगभग 130 वृक्ष साल  के कटे हैं जिसकी फोटोग्राफी व वीडियो प्रतिनिधि के पास उपलब्ध है जिनकी नुकसानी आज के महंगाई दर पर लगभग छह लाख के आसपास होगी बीट गार्ड को कोई पता नहीं कि हमारे बीट में लकड़ी कटी है वन परिक्षेत्र सहायक द्वारा वृक्षों को कटा कर अन्य यंत्र कहीं ठिकाने लगाए गए हैं आम वन प्रेमियों ने ईमानदार मुख्य वन संरक्षक व्रत शहडोल से अनुरोध किया है कि इसकी जांच शहडोल स्तर से कराई जाए और ऐसे लिफ्ट कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए तो ठूठो की फोटोग्राफ्स प्रकाशित कर रहा हूं आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि मुख वन संरक्षक शहडोल द्वारा न्याय संगत कार्यवाही की जाएगी जिससे कि बन सुरक्षित रह सके और दोषियों पर उचित कार्यवाही हो सके।

वन अपराध को छुपाने का प्रयास- वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा द्वारा उक्त कृत्य को छिपाने के लिए काले पेंट से नंबर डालकर भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास किया गया है जबकि कूप कटाई आरा से की गई थी अवैध कटाई कुल्हाड़ी से की गई है जो कि जांच में स्वतः ही स्पष्ट हो जाएगा पूर्व में भी उक्त अधिकारी पर अवैध कटाई में वन माफियाओं से सांठगांठ के आरोप लगे हैं जिसकी जांच चल रही है जिसमें वन कटाई के साथ साथ डिपो में अवैध तरीके से जलाऊ लकड़ी बेचने का भी प्रकरण शामिल है

इस संबंध में जब सीसीएफ शहडोल ए के जोशी के मोबाइल नंबर 94 24794400 पर संपर्क किया गया तो घंटी बजती रही उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा

इनका कहना:-मैं अभी अनूपपुर में हूं मेरा एसडीओ फॉरेस्ट साहब के पास बयान चल रहा है शाम को वापस आता हूं तो इस संबंध में बैठ कर बात करते हैं।

नंदकिशोर मिश्रा रेंजर
वन परिक्षेत्र कोतमा।

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