कोतमा/आमीन वारसी- मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा सुधारने के लिए भले ही लाख दावे किए जा रहे हो, लेकिन अनूपपुर जिले के कोतमा में संचालित भारत माता स्कूल के संचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं निजी स्कूलों में छात्रों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है भारतमाता स्कूल में छात्र छात्राओं को स्कूल तक लाने ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। निजी स्कूल सारे नियम कानून को ताक पर रखकर वाहन चलाये जाते हैं भारत माता स्कूल, कोतमा में खटारा बस लगी हुई है जिसमें न तो स्कूल का नाम लिखा हुआ है न ही स्कूल से जुड़ा कोई नंबर। भारतमाता स्कूल संचालक द्वारा स्कूल में खटारा बस बच्चों को लाने ले जाने के लिए लगाई गई है जो नियमो की धज्जियां उड़ाती हुई साफ दिखाई देती है।
यह है स्कूली बच्चों को लाने ले जाने वाली बसों के नियम- बस में शिक्षित हेल्पर का होना जरूरी है, चालक के पास कम से कम 5 साल पुराना भारी यात्री वाहन चलाने का लाइसेंस होना चाहिए, ड्राइवर पर कोई अपराध ना हो, साथ ही एक भी बार ड्राइवर के ऊपर सिग्नल तोड़ने पर चलानी कार्रवाई ना की गई हो,वाहन का रंग पीला हो,वाहन में अग्निशामक यंत्र होना चाहिए, खिड़कियों पर रैली में जाली होना चाहिए, बस में स्कूल का नाम मोबाइल नंबर लिखा होना चाहिए, वाहन 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार में नहीं चलना चाहिए, सावधान बच्चे बैठे है लिखा होना चाहिए लेकिन भारत माता स्कूल में लगी बस में प्रियंका लिखा हुआ है और यह एक यात्री बस है जो भारत माता स्कूल में भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है उक्त बस कुछ दिन पहले दुर्घटना ग्रस्त हो चुकी है।
ठूस-ठूस कर बसों में भरा जाता है बच्चों को - भारत माता स्कूल में बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण बच्चों को लाने ले जाने वाली बसों में प्रयाप्त जगह नहीं होती और बच्चों को बस सीट की संख्या से ज्यादा भरा जाता है जब अभिभावकों द्वारा इस बात की शिकायत स्कूल संचालक से की जाती है तो उन्हें एक और नई बस लगा देंगे का झूठा अस्वासन दे दिया जाता है।
तो क्या स्कूल में चल सकती है सवारी बस- जी हां हम बात कर रहे हैं भारत माता स्कूल,कोतमा की जहां पर स्कूल संचालक द्वारा बच्चों को लाने ले जाने के लिए सवारी बस लगा दी गई है जिस का नजारा भालूमाडा में देखा जा सकता है यह बस सुबह स्कूली बच्चों को भालूमाड़ा से भारत माता स्कूल तक पहोचाती है और शेष समय में फिर यात्री लाने ले जाने में लगा दिया जाता है।
आखिर दुर्घटना होने पर कौन होगा जिम्मेदार- जहां एक और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं वहीं दूसरी ओर भारत माता स्कूल संचालक द्वारा सवारी बस को स्कूल के बच्चों को लाने ले जाने के लिए लगा दिया गया है जिसमें न तो नियमानुसार कोई उपकरण है और ना ही कोई जिम्मेदार अगर कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा यातायात विभाग स्कूल संचालक या फिर बस मालिक जो डबल कमाई कर रहा है। अनूपपुर यातायात विभाग को भारत माता स्कूल में चल रही बसों की जांच कर कार्यवाही करने की जरूरत है।
इनका कहना है -बस परमिट की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
एसएन प्रसाद
एसडीओपी कोतमा


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