कोतमा/आमीन वारसी- सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर का पैसा निकलवाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करने में पुलिस खास चुस्ती नहीं दिखा रहीं है जबकि मामले में कौन कौन से व्यक्ति लिप्त हैं इसकी जानकारी पुलिस को है फिर भी कार्यवाही में देर लग रही जाने क्या कारण है । जबकि सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर द्वारा पूर्व में थाने में धोखाधडी करने वालों की नामजद शिकायत कि थी फिर भी पुलिस को आरोपियों को तलाश करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा यह एक सोचनिए विषय है।
मंडल कमंडल दे रहे दलालों को संरक्षण- सुशीला भास्कर पति शिवेन्द्र भास्कर के पैसे में हेरा फेरी करने वाले व्यक्तियों को बचाने में लगे है मंडल कमंडल बताया जाता है कि कुछ राजनैतिक दलाल सूदखोरो को संरक्षण दिए हुए है जिससे पुलिस जांच करने में हीला हवाली कर रही है सूत्रो से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि पुलिस सूदखोर बैंक दलालों पर कार्यवाही करने कि बजाय समझौता कराने में लगी है कोयलांचल क्षेत्र में सूदखोर कुकुरमुत्ते कि तरह फैले हुए है श्रमिकों कि जिंदगी भर की जमा पूंजी पलक झपकते किसी न किसी माध्यम से धोखाधड़ी कर हड़प कर लेते हैं भालूमाडा़ थाना अंतर्गत सूदखोर सुबह होते ही कॉलरी कर्मचारियों को अपने जाल में फंसाने पर लग जाते हैं लोगों को कर्जा देकर जीवन भर ब्याज की रकम बढ़ा कर वसूली करते रहते है शिकायतकर्ता सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर निवासी सुंदर नगरी द्वारा दिनांक 3.12 .2018 को थाने में जाकर लिखित शिकायत कि थी उसके पति शिवेंद्र भास्कर की मानसिक स्थिति ठीक ना होने के चलते रोशन वर्मा उर्फ लाला एवं कृष्ण कुमार चतुर्वेदी उर्फ पिंटू निवासी पीली दफाई द्वारा शिवेन्द भास्कर को भारतीय स्टेट बैंक कोतमा कॉलरी में ले जा कर 6 लाख रुपये की उसकी एफ डी 10 मिनट के अंदर ही तोड़वा दी गई और चालू खाते में शिकायतकर्ता के पति शिवेंद्र भास्कर के खाते में 6 लाख रुपये ट्रांसफर कराया गया शिवेंद्र भास्कर की मानसिक स्थिति ठीक ना होने के साथ ही शराब पिला कर नशे की लत लगा दिए जिसका फायदा सूदखोर व बैंक दलालों ने जमकर उठाया उसके चालू खाते से 4 लाख 50 हजार रूपये धीरे-धीरे करके दो से ढाई महीनों में पार कर दिया जैसे ही इस षड्यंत्र धोखाधड़ी की जानकारी उसकी पत्नी सुशीला भास्कर को लगी वह तत्काल थाने में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और पुलिस को चौंकाने वाले खुलासे हुए शिकायतकर्ता के पति का बैंक का खाता व चेक एक पार्षद के घर में पाया गया वहीं कृष्ण कुमार उर्फ पिंटू चतुर्वेदी के पास से ब्लैंक चेक शिकायतकर्ता के पति के हस्ताक्षर किया हुआ जप्त किया गया था पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी रोशन वर्मा उर्फ लाला को थाने लाकर जब उसका बयान दर्ज कराया तो चौंकाने वाला खुलासा रोशन वर्मा द्वारा किया गया उसके द्वारा बताया गया कि हमें तो शिकायतकर्ता सुशीला भास्कर के पति शिवेंद्र भास्कर मेरा मित्र है उसके घर आना जाना मेरा अक्सर रहा करता था और भालूमाडा़ क्षेत्र कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा मुझे शिवेन्द भास्कर के साथ कियोस्क बैंक कोतमा पैसे निकालने के लिए भेजा करते थे शिवेन्द्र भास्कर के चालू खाते से पैसा निकालकर उक्त व्यक्तियों को दे दिया करता था और रोशन वर्मा उर्फ लाला को भी गाड़ी में तेल और होटलों में नाश्ते पान गुटके के लिए पैसा दिया करते थे पैसा निकालने के उपरांत कभी 500 तो कभी 1000 निकलवाने वाले व्यक्तियों द्वारा अक्सर दिया जाता था और साथ ही शिवेन्द्र भास्कर को भी पैसा व्यक्तियों द्वारा दारू एवं अन्य खर्चे के लिए कभी 200 तो 500 दिया करते थे रोशन वर्मा द्वारा पैसे निकलवाने वाले व्यक्तियों से पूछा गया तो उनके द्वारा कहा गया कि शिवेन्द्र भास्कर का उधारी लेन देन चलता है और उधारी लेन देन का पैसा ही शिवेंद्र भास्कर को भेजकर निकलवाता हूं भरोसा रखो आपके और शिवेंद्र भास्कर के साथ कभी गलत नहीं होगा रोशन वर्मा भालूमाडा़ में एक किराना व्यापारी और एक कपड़ा व्यापारी नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के कहने पर अक्सर कियोस्क बैंक कोतमा जाया करता था शिवेंद्र भास्कर के साथ जाकर रोशन वर्मा पैसा निकलवाता था।कृष्ण कुमार उर्फ पिंटू चतुर्वेदी द्वारा शिवेन्द्र भास्कर की एफ डी तुड़वाने के बाद एक सप्ताह के अंदर 3 लाख 50 हजार रूपये निकालने गया था और स्वयं कुछ पैसा लिया था साथ ही बैंक का एक अधिकारी भी शामिल है जो एफ डी तोड़वाकर तुरंत पैसा चालू खाता में ट्रांसफर किया गया यह सभी बातें रोशन वर्मा द्वारा शपथ पत्र सत्यापित करवा कर अपना बयान मीडिया को दिया है।
भालूमाडा पुलिस संदेह के घेरे में- जब सुशीला भास्कर द्वारा नाम जद शिकायत की गई और जब संदेही रोशन वर्मा ने पुलिस को अपना बयान देकर बताया कि उक्त व्यक्ति धोखाधड़ी के मामले में शामिल है फिर भी उक्त व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही न करके भालूमाडा पुलिस खुद संदेह के घेरे में है।
कोतमा/आमीन वारसी- सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर का पैसा निकलवाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करने में पुलिस खास चुस्ती नहीं दिखा रहीं है जबकि मामले में कौन कौन से व्यक्ति लिप्त हैं इसकी जानकारी पुलिस को है फिर भी कार्यवाही में देर लग रही जाने क्या कारण है । जबकि सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर द्वारा पूर्व में थाने में धोखाधडी करने वालों की नामजद शिकायत कि थी फिर भी पुलिस को आरोपियों को तलाश करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा यह एक सोचनिए विषय है।
मंडल कमंडल दे रहे दलालों को संरक्षण- सुशीला भास्कर पति शिवेन्द्र भास्कर के पैसे में हेरा फेरी करने वाले व्यक्तियों को बचाने में लगे है मंडल कमंडल बताया जाता है कि कुछ राजनैतिक दलाल सूदखोरो को संरक्षण दिए हुए है जिससे पुलिस जांच करने में हीला हवाली कर रही है सूत्रो से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि पुलिस सूदखोर बैंक दलालों पर कार्यवाही करने कि बजाय समझौता कराने में लगी है कोयलांचल क्षेत्र में सूदखोर कुकुरमुत्ते कि तरह फैले हुए है श्रमिकों कि जिंदगी भर की जमा पूंजी पलक झपकते किसी न किसी माध्यम से धोखाधड़ी कर हड़प कर लेते हैं भालूमाडा़ थाना अंतर्गत सूदखोर सुबह होते ही कॉलरी कर्मचारियों को अपने जाल में फंसाने पर लग जाते हैं लोगों को कर्जा देकर जीवन भर ब्याज की रकम बढ़ा कर वसूली करते रहते है शिकायतकर्ता सुशीला भास्कर पति शिवेंद्र भास्कर निवासी सुंदर नगरी द्वारा दिनांक 3.12 .2018 को थाने में जाकर लिखित शिकायत कि थी उसके पति शिवेंद्र भास्कर की मानसिक स्थिति ठीक ना होने के चलते रोशन वर्मा उर्फ लाला एवं कृष्ण कुमार चतुर्वेदी उर्फ पिंटू निवासी पीली दफाई द्वारा शिवेन्द भास्कर को भारतीय स्टेट बैंक कोतमा कॉलरी में ले जा कर 6 लाख रुपये की उसकी एफ डी 10 मिनट के अंदर ही तोड़वा दी गई और चालू खाते में शिकायतकर्ता के पति शिवेंद्र भास्कर के खाते में 6 लाख रुपये ट्रांसफर कराया गया शिवेंद्र भास्कर की मानसिक स्थिति ठीक ना होने के साथ ही शराब पिला कर नशे की लत लगा दिए जिसका फायदा सूदखोर व बैंक दलालों ने जमकर उठाया उसके चालू खाते से 4 लाख 50 हजार रूपये धीरे-धीरे करके दो से ढाई महीनों में पार कर दिया जैसे ही इस षड्यंत्र धोखाधड़ी की जानकारी उसकी पत्नी सुशीला भास्कर को लगी वह तत्काल थाने में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और पुलिस को चौंकाने वाले खुलासे हुए शिकायतकर्ता के पति का बैंक का खाता व चेक एक पार्षद के घर में पाया गया वहीं कृष्ण कुमार उर्फ पिंटू चतुर्वेदी के पास से ब्लैंक चेक शिकायतकर्ता के पति के हस्ताक्षर किया हुआ जप्त किया गया था पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी रोशन वर्मा उर्फ लाला को थाने लाकर जब उसका बयान दर्ज कराया तो चौंकाने वाला खुलासा रोशन वर्मा द्वारा किया गया उसके द्वारा बताया गया कि हमें तो शिकायतकर्ता सुशीला भास्कर के पति शिवेंद्र भास्कर मेरा मित्र है उसके घर आना जाना मेरा अक्सर रहा करता था और भालूमाडा़ क्षेत्र कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा मुझे शिवेन्द भास्कर के साथ कियोस्क बैंक कोतमा पैसे निकालने के लिए भेजा करते थे शिवेन्द्र भास्कर के चालू खाते से पैसा निकालकर उक्त व्यक्तियों को दे दिया करता था और रोशन वर्मा उर्फ लाला को भी गाड़ी में तेल और होटलों में नाश्ते पान गुटके के लिए पैसा दिया करते थे पैसा निकालने के उपरांत कभी 500 तो कभी 1000 निकलवाने वाले व्यक्तियों द्वारा अक्सर दिया जाता था और साथ ही शिवेन्द्र भास्कर को भी पैसा व्यक्तियों द्वारा दारू एवं अन्य खर्चे के लिए कभी 200 तो 500 दिया करते थे रोशन वर्मा द्वारा पैसे निकलवाने वाले व्यक्तियों से पूछा गया तो उनके द्वारा कहा गया कि शिवेन्द्र भास्कर का उधारी लेन देन चलता है और उधारी लेन देन का पैसा ही शिवेंद्र भास्कर को भेजकर निकलवाता हूं भरोसा रखो आपके और शिवेंद्र भास्कर के साथ कभी गलत नहीं होगा रोशन वर्मा भालूमाडा़ में एक किराना व्यापारी और एक कपड़ा व्यापारी नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के कहने पर अक्सर कियोस्क बैंक कोतमा जाया करता था शिवेंद्र भास्कर के साथ जाकर रोशन वर्मा पैसा निकलवाता था।कृष्ण कुमार उर्फ पिंटू चतुर्वेदी द्वारा शिवेन्द्र भास्कर की एफ डी तुड़वाने के बाद एक सप्ताह के अंदर 3 लाख 50 हजार रूपये निकालने गया था और स्वयं कुछ पैसा लिया था साथ ही बैंक का एक अधिकारी भी शामिल है जो एफ डी तोड़वाकर तुरंत पैसा चालू खाता में ट्रांसफर किया गया यह सभी बातें रोशन वर्मा द्वारा शपथ पत्र सत्यापित करवा कर अपना बयान मीडिया को दिया है।
भालूमाडा पुलिस संदेह के घेरे में- जब सुशीला भास्कर द्वारा नाम जद शिकायत की गई और जब संदेही रोशन वर्मा ने पुलिस को अपना बयान देकर बताया कि उक्त व्यक्ति धोखाधड़ी के मामले में शामिल है फिर भी उक्त व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही न करके भालूमाडा पुलिस खुद संदेह के घेरे में है।



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