Wednesday, October 15, 2025

तो क्या सचमुच म प्र शासन की भूमि कोतमा नगर पालिका ने बेच दी


आमीन वारसी -
कोतमा - नगर वासियों को मालूम हो कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2023 में कोतमा नगर पालिका परिषद को कोतमा नगर का गीला एवं सूखा कचरा एकत्रित करके व्यवस्थित रूप से ग्राम पंचायत चगेरी स्थित म. प्र. शासन की भूमि खसरा नं 28/1 लगभग 5 एकड़ आवंटित की गई थी ! उक्त शासकीय भूमि पर कचरा व्यवस्थित रूप से रखने का आदेश जारी किया गया था ! कुछ दिनों तक कोतमा नगर पालिका परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सरकार को दिखावे के लिए नगर का कचरा एकत्रित करके शासन द्वारा उक्त आवंटित भूमि खसरा नं 28/1 पर अव्यवस्थित रूप से कचरा फेका जा रहा था ! फिर हालात जस के तस हो गए जब जहां खाली जगह देखी गई वही नगर पालिका परिषद की कचरा गाड़ी कचरा डंप करकें निकल जाती है सीधी सी बात है ! जैसा आदेश नगर पालिका अध्यक्ष एवं सीएम ओ द्वारा कर्मचारियों को दिया जाएगा कर्मचारी वैसा ही करेंगे ! इन दिनों नगर का गीला और सूखा कचरा वार्ड नं 11 गोविंदा गांव के पीछे गोविंदा साइडिंग रोड के बगल में अव्यवस्थित रूप से फेंका जा रहा है जिससें वार्ड वासी परेशान हो रहें है ! 

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार लगभग 5 एकड़ उक्त शासकीय भूमि नगर पालिका द्वारा मौखिक रूप से विक्रय कर दी गई है या सौंप दी गई है ! अगर यह सच नही है तो कोतमा नगर पालिका अध्यक्ष एवं सीएमओ खुलें रूप से कोतमा नगर की आमजनता  मध्यप्रदेश सरकार एवं मीडिया को बताएं कि ग्राम पंचायत चगेरी स्थित उक्त शासकीय भूमि जो कोतमा नगर पालिका परिषद को आवंटित की गई थी उक्त भूमि को व्यवस्थित करके उसमें नगर का गीला और सूखा कचरा क्यों नही रखा जा रहा है ! नगर पालिका द्वारा यह कहकर झूठा भ्रम फैलाया गया है कि चगेरी ग्रामवासियों द्वारा कचरा फेंकने पर आपत्ति की जा रही है ! चलो मान भी लिया जाए कि चगेरी ग्रामवासी किसी प्रकार की कोई आपत्ति कर रहें है तो क्या नगर पालिका द्वारा जिला कलेक्टर मध्यप्रदेश सरकार से शिकायत की है ! जब भूमि शासकीय है और स्वच्छता अभियान गाइडलाइन अनुसार व्यवस्थित रूप से कचरा रखा जाएगा तो किसी भी व्यक्ति को क्यों आपत्ति  होगी इस बात को सभी जानतें है क भूमि शासकीय है और शासन अपनें उपयोग के लिए शासकीय भूमि का जब चाहे लें सकती है ! अब ये अलग बात है कि नगर पालिका परिषद ग्राम वासियों का नाम बदनाम कर रही है कि ग्रामवासी आपत्ति कर रहें है ! जबकि सच कुछ और ही है सूत्रों द्वारा बताया गया कि उक्त शासकीय भूमि से लगें एक प्राइवेट भूस्वामी निवासी लहसुई को उक्त शासकीय भूमि मोटी रकम लेकर मौखिक रूप से विक्रय कर दी गई है या फिर सौंप दी गई है जो भविष्य में उक्त शासकीय भूमि को प्राईवेट भूमि दर्ज कराकर महंगे दामों में बेचा जाना है ! और अगर हमारे सूत्रों की बातों में सच्चाई नही है तो फिर सवाल यह है कि जब नगर का कचरा शासकीय आवंटित भूमि पर व्यवस्थित करके रखा जाना था तो फिर नगर पालिका परिषद द्वारा कचरा यहां वहां क्यों फेंका जा रहा आखिर उक्त आवंटित भूमि का क्या हुआ !क्या मध्यप्रदेश सरकार एवं जिला कलेक्टर द्वारा जारी उक्त आदेश को निरस्त कर दिया गया आखिर क्या हुआ है इस पूरे मामलें की नगर पालिका अध्यक्ष एवं सीएमओ विस्तार से सारी जानकारी मीडिया एवं कोतमा नगर वासियों को दें ! फिलहाल इस संबंध में दिनांक 15 अक्टूबर को वार्ड नं 11 गोविंदा गांव भाजपा पार्षद नोहर सिंह आदिवासी नेता देवशरण सिंह सहित वार्ड वासियों द्वारा कोतमा एसडीएम एवं नगर पालिका सीएमओ ज्ञापन दिया गया है अब देखना है कि एसडीएम तिर्की साहब कोई कार्यवाही कर पाएंगे या फिर लापरवाह मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोतमा प्रदीप झारिया इसी तरह स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाते रहेंगे !

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