Monday, December 11, 2023

नगर की साफ़ सफाई व्यवस्था शून्य - बदहाल पडे़ शौचालय


कोतमा- आमीन वारसी - एक वो दिन था जब नगर की साफ़ सफाई व्यवस्था चुस्त दुरूस्त थी नगर का चहुंमुखी विकास हो रहा था नगर वासियों को नगर पालिका से मिलने वाली मूलभूत सुविधा जैसे बिजली सड़क पानी एवं साफ़ सफाई के लिए परेशान नही होना पड़ता था ! साथ ही नगर पालिका के माध्यम से केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याण कारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नगर वासियों को नगर पालिका कर्मचारी एवं वार्ड पार्षद  द्वारा वार्ड वार्ड जाकर दिया जाता था ! ये बात है बीसवीं सदी वर्ष 2005 से वर्ष 2017 की अब हम 21 वी सदी में प्रवेश कर चुके है ! इसलिए सब कुछ बदल गया है आज नगर पालिका अध्य्क्ष बदल गए सीएम ओ बदल गए कर्मचारी कामचोर हो गए इसलिए कोतमा नगर के भी हालात बदल गए आलम यह है कि कोतमा बाज़ार का एक मात्र शुलभ स्थल शौचालय भी साफ़ नही रहता ! कारण ये है कि जनप्रतिनिधियों में नगर को सुसज्जित व्यवस्थित सुरक्षित रखनें का जजबा व जूनून नज़र नही आ रहा ! आज के जमाने में नगर पालिका अध्य्क्ष एवं वार्ड पार्षद बनना मतलब पावर और पैसा कमाना है तो फिर नगर की जनता का परेशान होना लाजमी है ! जनता को मिलनें वाली मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना तो पड़ेगा ही क्योंकि जिम्मेदार कुर्सी पर पावर और पैसा कमानें के लिए बैठे है जनता की सेवा करनें के लिए नही 

बता दे कि वैसे तो बहोत सारी कमियाँ है बहोत कुछ सुधार भी होना है बहरहाल कोतमा बाज़ार में एक शुलभ स्थल शौचालय भारती लाज के सामनें मौजूद है जिसका उपयोग ज्यादातर कोतमा बाज़ार व्यापार करनें एवं मजदूरी करनें आनें वालें आम लोगों द्वारा किया जाता है ! लेकिन नगर पालिका की लापरवाही कहें या मनमानी उक्त शुलभ स्थल शौचालय की महीनों साफ़ सफाई नही होती जबकि पिछली परिषद द्वारा प्रतिदिन साफ़ सफाई कार्य किया जाता रहा ! आखिर क्या कारण है जो नगर पालिका सीएम ओ एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा नगर की साफ़ सफाई पर ध्यान नही दिया जा रहा ! क्या नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों की कमी हो गई है या फिर परिषद का कर्मचारियों पर नियंत्रण ही नही है ! कांग्रेस की परिषद को नगर पालिका का कार्य भार संभालें लगभग एक वर्ष तो हो ही गए इन एक वर्षों में नगर की साफ़ सफाई कराने के लिए कांग्रेस की परिषद ने कितना खर्च किया होगा सफाई कर्मचारियों को कितना वेतन दिया होगा साफ़ सफाई हेतु कितनी समाग्री खरीदी गई होगी जैसे फौडा़ गैती बेल्चा झाड़ू फिनैल कीट नाशक दवा साथ ही कितने नए कचरा वाहन खरीदें गए होंगे पुरानें कचरा वाहनों का क्या हुआ कुल कितने शासकीय वाहन आन रोड है ! उक्त शासकीय वाहन कितना माइलेज देते है प्रतिदिन एक वाहन पर कितना डीजल पेट्रोल भरा जाता है और किस पेट्रोल पंप से ! नगर पालिका के शासकीय वाहनों में एक वर्ष में कितना डीजल पेट्रोल खर्च किया गया होगा कितना मोबिल और रिपेयरिंग पर खर्च किया गया होगा ! इन सभी चीजों की जानकारी आज नही तो कल आर टी आई के माध्यम से ले ही लेगें ! इन एक वर्ष में निश्चित ही लाखों रुपए खर्च किए गए होंगे ! अगर परिषद साफ़ सफाई कार्य के लिए एक वर्ष में लाखों रुपए खर्च कर चुकी है तो फिर सब बेकार है वो इसलिए कि इतना खर्च करनें के बाद भी नगर की साफ़ सफाई व्यवस्था शून्य है !

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