Friday, July 21, 2023

कोतमा हास्पिटल में सांप का जहर झाड़ फूक से निकाला जाता है


कोतमा- आमीन वारसी- भक्तों की कहावत मोदी है तो मुमकिन है कुछ ऐसा ही नजारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में देखने को मिला ! उम्मीद है आप लोगों ने ऐसा नजारा पहलें कभी नही देखा होगा ! क्योंकि ये अमृत काल चल रहा और अमृत काल में सब कुछ संभव है असंभव कुछ भी नही ! अब साइनस इतना आगें बढ़ गया है कि सर्प काटने पर हास्पिटल में मेडिसिन की जगह झाड़ फूंक किया जा रहा ऐसा पहली बार देखा होगा जिसे देखकर हमारी आंख भर आई  ! इस वायरल वीडियो को देखकर देश प्रदेश के युवा भी अब डाक्टरी की पढ़ाई की जगह ओझा बननें का सोच रहें है ! और युवाओं को ये प्रेरणा कोतमा हास्पिटल से मिली है ! 
कोतमा हास्पिटल में पदस्थ डाक्टर नर्स और जिम्मेदार बी एम ओ में गजब का हुनर है जो सर्प दंश के मरीजों का झाड़फूंक के माध्यम से इलाज करतें है ! बता दे कि एक स्कूली छात्रा को सर्प ने काट लिया तो शिक्षक एवं परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा इलाज कराने के लिए पहुंचे थें ! जहां हॉस्पिटल की बेड पर झाड़-फूंक से इलाज शुरू किया गया छात्रा को जहाँ पर सांप ने काटा था उसी स्थान पर फिल्मी स्टाइल में मुंह से जहर चूस कर निकालना अर्थात अंध विश्वास का खेल जारी था ! जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ ! बताया जा रहा है कि यह छात्रा अनूपपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बाडीखार हाईस्कूल में कक्षा आठवी की छात्रा प्रार्थना सिंह है ! जो सुबह लगभग 9 बजे स्कूल गई थी और स्कूल परिसर के अंदर उसे सर्प ने काट लिया जिसके इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा लाया गया था ! 

डॉक्टरों के सामने ही चलता रहा झाड़-फूंक का खेल-

बताया जा रहा कि प्राथमिक उपचार उपरांत परिजनों को कोतमा हास्पिटल द्वारा किये गए उपचार पर भरोसा नही था ! इसलिए झाड़-फूंक करनें वालें एक ओझा को बुला लिया और दुर्भाग्य से अस्पताल की बेड पर ही ओझा ने अपना हुनर दिखाना शुरू कर दिया सांप का जहर मुह से चूस कर निकाला करीब घंटे भर अंधविश्वास का ये खेल अस्पताल में चलता रहा! लेकिन हास्पिटल प्रबंधन ने ओझा को झाड़-फूंक करनें से नही रोका और ना ही बच्ची के परिजन ने ! माना कि परिजन तो गाँव के अनपढ़ थें मगर मौके पर मौजूद मूकदर्शक बनें पढ़े लिखे शिक्षित डाक्टरों ने अंधविश्वास पर आवाज क्यों नही उठाई ! अब सवाल यह है कि अगर इस अंधविश्वास के खेल में छात्रा या फिर ओझा की मृत्यु हो जाती तो जिम्मेदार कौन होता हास्पिटल प्रबंधन या परिजन ! 

बीएम ओ आर के वर्मा रहतें है नादारत-

 ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (आर के वर्मा) की पद स्थापना भले ही कोतमा में कर दी गई है लेकिन ये साहब हमेशा नादारत ही रहतें है ! पूछने पर हमेशा फिल्ड वर्क बताया जाता है अब बीएम ओ साहब फिल्ड वर्क ब्लॉक के अंदर कर रहें या फिर बाहर इसकी जानकारी किसी को नही है ! जब संबंधित हॉस्पिटल में उक्त वीडियो की पड़ताल की गई तो मौके पर मौजूद डॉक्टर भाग खड़े हुए ! 

इनका कहना: सीएम ओ साहब आए थें जाचं कर रहें है डियूटी पर मौजूद डाक्टर नर्स का बयान लिया गया है ! 

आर के वर्मा

ब्लॉक मेडिकल आफिसर कोतमा !

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