Friday, August 16, 2019

समाज से बहिष्कृत किए जाने की शिकायत पहुँची पुलिस अधीक्षक तक


अनूपपुर-  समाज के एक सभ्य नागरिक वार्ड नं 13 लहसुई कैम्प रोड निवासी इस्तयाज अहमद ने अनूपपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहोचकर लिखित शिकायत करते हुए बताया कि मै मुस्लिम धर्म का मानने वाला हूँ साथ ही सभी धर्म जाति समाज का सम्मान करता हूँ अपने मुस्लिम समाज के समाजिक व धार्मिक कार्यक्रम के साथ ही अन्य समाज के सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेता हूँ क्योकि मेरे अधिकतर मित्रगण अन्य समाज के है इसलिए मित्रों के बुलाने पर मै उनके समाजिक व धार्मिक  कार्यक्रम में शामिल होता हूँ साथ ही शोसल मीडिया के माध्यम से उन्हे तीज त्यौहारों में बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ जिससे मेरे समाज के कुछ तुच्छ लोगों द्वारा मना किया जाता रहा कि अगर किसी अन्य लोगों के सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में  शामिल हुए या बधाई एवं शुभकामनाएँ दिया तो तुम्हे समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा मैंने तुच्छ लोगों की बातों को नजर अंदाज कर दिया और हमेशा की तरह अपने कार्य में व्यस्त रहा आया। दिनांक 26-7-2019 लहसुई निवासी अब्दुल रशीद छेददी एवं मो लियाकत का फोन आया कहा गया कि आज बैठक रखी गई है तुम्हे बैठक में आना है तो मैने पूछा किस बात की बैठक है बताइए तो कहा गया कि आओगे तो खुद पता चल जाएगा मैने कहा लिखित में सूचना दोगे तो मै आऊंगा तो कहा गया कि बैठक में नही आने पर एक तरफा फैसला कर दिया जाएगा इस्तयाज अहमद ने बताया कि लहसुई अंजुमन कमेटी के अलावा एक और कमेटी का गठन किया गया है जो नूरूसलाम की सरपरस्ती में बनाई गई है जिसमें लगभग 17 सदस्य बनाएं गए है जिसमें मो इसहाक मो इकलाख पिता नूरूसलाम अब्दुल रशीद छेददी मो तौहीद मो लियाकत सहित अन्य लोग शामिल है और उक्त नई कमेटी के सरपरस्त एवं सदस्यों द्वारा मुझे बिना किसी कारण के समाज से बहिष्कृत कर दिया गया और लहसुई मस्जिद के लाउड स्पीकर से ऐलान कराया गया ऐलान करने वाले व्यक्ति द्वारा यह कहा जा रहा कि अब्दुल रशीद छेददी ने एक चिट्ठी दी है जिसमें लिखा है इस्तयाज अहमद उर्फ बबलू को समाज से बहिष्कृत किया जाता है आज के बाद इस्तयाज अहमद उर्फ बबलू को हमारे सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में नही बुलाया जाएगा और न ही कोई उससे रिश्ता वास्ता रखेगा जिसकी आडियो रिकाडिग सीडी कोतमा थाने सहित पुलिस अधीक्षक को शिकायत के साथ दे दी गई है।

समाज के ठेकेदार भूले देश के संविधान व कानून को-

सवाल यह है कि जब हमारा भारत देश एक है आजाद है देश के सभी नागरिकों को स्वतंत्रता के साथ रहने की पूरी आजादी है तो फिर लहसुई में जो कमेटी का गठन किया गया उक्त कमेटी के सरपरस्त एवं सदस्यों  को किसने यह अधिकार दे दिया कि किसी सभ्य परिवार को बिना किसी अपराध के समाज से बहिष्कृत कर दे क्या बहिष्कृत करने वाले लोग भारत देश के संविधान व कानून को नही मानते  भारत देश का कानून कुछ इस तरह है कि जब तक यह प्रमाणित न हो जाए कि उक्त व्यक्ति अपराधी है तब तक माननीय न्यायालय भी सजा नही सुनाती है तो फिर इस्तयाज अहमद को बहिष्कृत करने वाले लोगों द्वारा   कौन से संविधान और कौन से कानून की धारा के तहत बहिष्कृत कर दिया। यह नई कमेटी के सरपरस्त एवं सदस्यों को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि कौन से अपराध के लिए इस्तयाज को बहिष्कृत किया गया है।

अपराधियों को सरंक्षण,बेगुनाह को सजा-

अभी हाल ही में चैन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले 3  आरोपी मंजा, आकिब, सैफ , जो  लहसुई गाँव के निवासी है जिनके खिलाफ कोतमा थाने सहित अन्य थानों में अपराध दर्ज है उक्त आरोपियों द्वारा 3 महीने में लगातार 8 चैन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम दिया गया जिसमें से दो आरोपी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है तीसरा मास्टर माइंड आरोपी आकिब अब भी फरार है  साथ ही यह प्रमाणित भी हो गया कि महिलाओं के गले से सोने की चैन स्नेचिंग करने वाले व्यक्ति यही है।अब सवाल यह है कि क्या  उक्त कमेटी के सरपरस्त एवं सदस्यों द्वारा जिन्होने इस्तयाज अहमद को बहिष्कृत करने में अहम भूमिका निभाई है क्या आपके द्वारा ऐसे आदतन अपराधियों एवं उनके परिवार का समाजिक बहिष्कार करेंगे जो खुलेआम नगर में रहकर नगर वासियों का ही गला काट रहें है।

इनका कहना: पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया गया है जांच चल रही है जांच उपरांत दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
एच एन प्रसाद
एस डी ओ पी कोतमा।

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