Sunday, November 25, 2018

कल से थम जाएगा चुनावी शोरगुल




      जनसंपर्क और मैनेजमेंट रहेगा कायम

कोतमा/आमीन वारसी- आज शाम सोमवार 26 नवम्बर से थम जाएगा चुनावी शोरगुल सिर्फ जन सम्पर्क और दारू मुर्गा पैसा मैनेजमेन्ट कायम रहेगा अबदेखना यह है कि कौन पार्टी कितना मैनेजमेन्ट कर पाती है। वैसे अबकी बार पार्टी वन फॉर यूनिटी के नारे के साथ काम करने वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं में वर्तमान समय में वन फॉर यूनिटी देखने को नहीं मिल रही हैं। अनूपपुर जिले में पार्टी जिस तरह से चुनाव में उतरी है वह उसके मूल सिद्धांतों से बिलकुल अलग नजर आ रही है। चाल-चरित्र और चेहरे की बात तो अब बेमानी हो चली है मुद्दे दरकिनार कर दिये गये हैं। अब विकास की बात गुजरे जमाने की हो चली है। अब तो मतदाताओं से मत लेने के लिये सत्ताधारी दल सारे हथकण्डे अपनाते नजर आ रहा है। दूसरी तरफ अपने कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं रहा, तभी तो बाहरी लोगों को बुलाकर मतदाताओं तक पैसे पहुंचाने का कार्य कराया जा रहा है। जिले की तीनों विधानसभा सीटों में चुनावी समर में भाजपा प्रत्याशियों के जीत का दावा जिन विकास के दावों पर की जा रही है। वह आंकड़ों से काफी दूर है। विकास के अलावा जीत का सारा दारोमदार काले धन के रूप में प्रत्याशियों के घरों में पहुंची रकम से मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया जाएगा।



तय रकम से ज्यादा के खर्च में प्रत्याशी-आगामी दो दिनों मे जिले की तीनों विधानसभाओं में भाजपा के कार्यकर्ता व प्रत्याशी सभी विधानसभा सीटें जिसमें अनूपपुर, कोतमा, पुष्पराजगढ़ में मतदताओं को लुभाने के लिये मोटी रकम खर्च करने की फिराक में है। जबकि निर्वाचन आयोग की मानें तो प्रत्येक विधानसभा में प्रत्याशियों को 28 लाख रूपये से ज्यादा की रकम खर्च नहीं करनी है और खर्च का ब्यौरा भी एकत्रित कर प्रतिदिन निर्वाचन को सौंपना है।



  क्षेत्र में पहुंची पैसो की खेप- सूत्रों की मानें तो विकास के नाम पर मतदाताओं से वोट खरीदने के फिराक में भाजपा के प्रत्याशी लगे हुये हैं। 50 लाख से भी ज्यादा की रकम इन सभी विधानसभाओं में प्रत्याशियों को पहुंचाई गई है। जिससे मतदान की आड़ में निर्वाचन आयोग के आंख में धूल झोंकने का काम भाजपा  प्रत्याशी द्वारा की जाएगी। जानकारों की मानें तो यह रकम प्रदेश से पहुंचाई जा रही है, जिसकी खेप पहले ही प्रत्याशियों के चुनाव क्षेत्र में पहुंचाई जा चुकी है।
पैसे से खरीद रहे विकास-मतदाताओं को लोक लुभावने वादे करने वाली इन पार्टियों की हकीकत सत्ताधारी दल के द्वारा पहुंचाई गई रकम से साफ जाहिर होता है कि जिन विकास के मुद्दों के साथ पार्टियां चुनाव में जीत का दम भरती हैं और उसे जीत में तब्दील करने के लिये मतदाताओं को रूपयों से लेकर शराब तक की खेप क्षेत्रों में पहुंचाए जा रहें है, और प्रशासन की आंखो में धूल झोंका जाएगा तो कहीं प्रशासन अपनी आंखे मूंदे बैठा रहेगा।

प्रत्याशियों के फूल रहे हाथ-पाव- तीनों विधानसभा सीटों में भाजपा के अनूपपुर सीट से रामलाल रौतेल, पुष्पराजगढ़ से नरेन्द्र मरावी, कोतमा से दिलीप जायसवाल को अपनी पहुंच का पूरा फायदा मिलेगा। जिससे टिकट तो इन प्रत्याशियों को मिल गई लेकिन जीत का जो अंतर बीते कुछ दिनो में बदला है उससे इन प्रत्याशियों के हांथ-पांव फूलने लगे है।


पैसे की खेप से दूषित होगा चुनाव- विधान सभा क्षेत्र में बढ़ रहा प्रत्याशियों का विरोध भी एक वजह मानी जा रही है। ऐसे में सत्ता की आड़ में साफ-सुथरे चुनाव की बात कहने वाले ये पार्टी कद्दावर नेता पैसे की आड़ में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिये किसी भी हद तक गुजरने के लिये आमदा है। इसी का नतीजा है कि पैसे की खेप से चुनाव दूषित होगा साथ ही जिले की तीनों विधानसभा सीटों में चोरी-छिपे लाखों रूपये की खेप पहुंचाई जाएगी इससे मतदातओं को मुख्य मुद्दों से भी भटकाने का प्रयास किया जाएगा।

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