आमीन वारसी -
कोतमा - नगर के सफल व्यवसाई सैकड़ों गरीब बहन बेटियों का विवाह करवानें वालें सैकड़ों गरीब असहाय लोगों का मुफ्त इलाज करवानें वालें कोतमा नगर को लाखों करोड़ों दान करनें वालें दलाल प्रवत्ति के नेताओं का खर्चा उठानें वालें समाज सेवी वरिष्ठ भाजपा नेता अनूपपुर ज़िला भारतीय जनता पार्टी पूर्व जिला कोषाध्यक्ष मनीष गोयनका नानू पर एक बार फिर से मुसीबत का पहाड़ टूटा !
बुधवार की सुबह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम मनीष गोयनका नानू के कर्मचारी संगत रोहित बिजेंद्र अन्य को घर से उठाकर कोतमा जनपद बी आर सी भवन लें गए वहां लगभग 14-15 घंटे तक पूछताछ की गई सभी का बयान दर्ज किया गया ! बताया जा रहा कि दर्जनों गरीब आदिवासी युवकों के नाम पर सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी गई !
साथ ही कोमल पाव संगत पाव आदिवासी अनपढ़ व्यक्तियों के बैंक एकाउंट से करोड़ों रुपए का लेन-देन किया गया है ! इनकम टैक्स विभाग की जांच उचित है आखिर गरीबी रेखा कार्ड धारक व्यक्तियों के खाते से करोड़ों रुपए का लेन-देन होना वही सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी फरोख्त करना ! आखिर इतना पैसा इन गरीबी रेखा कार्ड धारक अनपढ़ आदिवासियों के पास आया कहा से यही जाननें की कोशिश इनकम टैक्स विभाग कर रहा है ! कर्मचारियों ने आयकर विभाग की टीम को यह बताया कि हम मनीष गोयनका नानू के यहां काम करतें है तमाम जमीन खरीदने सहित तमाम बैंक एकाउंट से जो भी रुपयों का लेन देन हुआ है वो मनीष गोयनका नानू का पैसा है और उसी के द्वारा किया गया !
संगत पाव ने किया बड़ा खुलासा - गोहंड्रा निवासी संगत पाव ने 154 पन्ने के बयान में बताया कि मैं गरीब आदिवासी युवक तीसरी चौथी तक पढ़ाई किया हूं सिर्फ दस्खत करना जानता हूं पढ़ना नही जानता मैं मनीष गोयनका नानू के यहां दस हजार रुपए महीने में मजदूरी करता हूं और साफ़ सफाई सब्जी भाजी लानें का काम करता हूं ! मेरा एकाउंट एस बी आई कोतमा में है मुझे मालूम है लेकिन एच डी एफ सी बैंक कोतमा में मेरा खाता कब खुलवाया गया मुझे नही मालूम मेरे से दस्खत जरूर कराया गया था ! फिर संगत पाव ने आयकर विभाग अधिकारी को यह भी बताया कि मेरे नाम से बहुत सारी जमीन मनीष गोयनका नानू द्वारा खरीदी की गई है और उक्त जमीनो की रजिस्ट्री में गवाह साक्षी ज्यादातर मिश्रा परिवार बघेल परिवार और शुक्ला परिवार के व्यक्ति है ! संगत पाव ने अपने 154 पन्ने के बयान में एक हजार बार मनीष गोयनका नानू का नाम लिया है !
इसका मतलब साफ़ है कि मनीष गोयनका नानू ही इस खेल का मुख्य सरगना है जिसने क्षेत्र के दर्जनों आदिवासी युवकों को अपनें गैर कानूनी अपराधिक जंजाल में फसा रखा है ! जिससे बाहर निकल पाना इन युवकों के लिए मुश्किल सा दिखाई पड़ रहा इन गरीब आदिवासी युवकों को ये डर सता रहा कि हम लोगों ने आयकर विभाग को सच तो बता दिया है कही ऐसा ना हो कि हम लोगों के साथ कोई घटना घटित न हो जाए !
आयकर विभाग की रडार पर सात व्यक्ति
भोपाल से आई आयकर विभाग टीम की रडार पर मनीष गोयनका परिवार से जुड़े 7 व्यक्ति है आयकर विभाग की टीम द्वारा छापामार कार्यवाही से घबराकर कोमल सहित अन्य फरार हो गए ! बताया जा रहा कि कोमल और संगत के नाम पर कोतमा से लेकर कटनी सिंगरौली सीधी छत्तीसगढ़ राज्य अंबिकापुर बैकुंठपुर सूरजपुर रायपुर सहित अन्य नगर शहरों में बेहिसाब संपत्ति है ! साथ ही कोमल और संगत जैसे दर्जनों आदिवासी युवकों के नाम पर जमीन और बैंक एकाउंट से करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है जिसकी खोज खबर में आयकर विभाग की टीम लगी हुई है ! अब देखना यह होगा कि आयकर विभाग द्वारा छापामार कार्यवाही जांच में कितनी बेनामी संपत्ति जप्त होती है और कितने चेहरे होंगे बेनकाब !
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